पंजाब विजिलेंस रिश्वतकांड: CBI की जांच का दायरा बढ़ा, ओपी राणा, राघव गोयल और अंकित वधवा से आमने-सामने पूछताछ

Punjab Vigilance Bribery Case: CBI expands scope of investigation

Punjab Vigilance Bribery Case

चंडीगढ़। Punjab Vigilance Bribery Case, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े रिश्वतकांड में सीबीआइ की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सीबीआइ की टीम विजिलेंस प्रमुख के रीडर ओम प्रकाश सिंह राणा और बुडैल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए सह-आरोपित राघव गोयल और अंकित वधवा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, जांच में ऐसे कुछ पुराने मामलों के भी सुराग मिले हैं, जिनमें गोपनीय शिकायतों के आधार पर कथित तौर पर सौदेबाजी की गई। पूछताछ में विजिलेंस ब्यूरो के कुछ कर्मचारियों व अधिकारियों का नाम सामने आए है। इस बात का भी पता चला है कि पहले भी सरकारी विभागों के कर्मचारियों से पैसा वसूला गया।

सूत्रों के अनुसार, सीबीआइ अब इस पहलू पर भी अपनी जांच को केंद्रित कर रही है कि क्या गोपनीय विजिलेंस शिकायतों तक पहुंच बनाने और संबंधित पक्षों से संपर्क स्थापित करने के लिए कोई संगठित फिक्सर नेटवर्क काम कर रहा था। राघव गोयल के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों की भी इसी कड़ी में जांच की जा रही है।

खास बात यह है कि चंडीगढ़ की अदालत ने सोमवार को ओपी राणा का सीबीआइ रिमांड 12 जून तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही राघव गोयल और अंकित वाधवा को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया।

सीबीआइ ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान ऐसे नए तथ्य सामने आए हैं, जिनसे गोपनीय विजिलेंस शिकायतों को हासिल करने, उनकी निगरानी करने और उनका कथित तौर पर दुरुपयोग कर शिकायतकर्ताओं तथा जिन लोगों के खिलाफ शिकायतें दर्ज थीं, उनसे अवैध लाभ लेने की साजिश के संकेत मिले हैं।

जांच एजेंसी का मानना है कि तीनों आरोपितों को एक साथ बैठाकर पूछताछ करने से आपसी संपर्क, बैठकों और कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी। मामला पंजाब विजिलेंस ब्यूरो में लंबित एक राज्य कर अधिकारी (स्टेट टैक्स अफसर) से जुड़े प्रकरण का है।

सीबीआइ के अनुसार, 29 अप्रैल को राघव गोयल और विकास गोयल ने शिकायतकर्ता की मुलाकात ओपी राणा से चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में करवाई थी। आरोप है कि शिकायतकर्ता के खिलाफ लंबित आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में राहत दिलाने के बदले 20 लाख रुपये और एक सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड-7 मोबाइल फोन की मांग की गई थी।

पिछले महीने चंडीगढ़ में सीबीआइ की ट्रैप कार्रवाई के दौरान अंकित वधवा को कथित तौर पर रिश्वत की डिलीवरी लेते हुए गिरफ्तार किया गया था, जबकि ओपी राणा, राघव गोयल और विकास गोयल मौके से भाग गए थे। राघव गोयल व विकास गोयल को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया जबकि ओपी राणा ने आत्मसमर्पण कर दिया था।